लखनऊ। विजय वर्मा, फरवरी 19 -- लखनऊ में पिता की कई महीने पहले मृत्यु के बावजूद उसकी पेंशन के लिए एक युवक ट्रेजरी में 5000 रुपये किराये पर पिता लेकर पहुंच गया। ट्रेजरी अफसर के सामने फोटो मिलान में कुछ अंतर दिखा तो अफसरों ने बुजुर्ग से उसकी नौकरी के बारे में पूछा। इस पर उसकी बोलती बंद हो गई। इस पर अफसरों को सारा माजरा समझ में आ गया पर दोनों मौका देखकर फरार हो गए। प्रेम शंकर तिवारी माध्यमिक शिक्षा विभाग के एक स्कूल में अध्यापक थे। वह कई वर्ष पहले रिटायर हुए थे। उनके खाते में हर महीने पेंशन जा रही थी। इस साल सत्यापन की बारी आई तो उनका बेटा एक बुजुर्ग को लेकर कोषागार (ट्रेजरी) पहुंचा। अफसरों के सामने बुजुर्ग ने अपना नाम प्रेम शंकर तिवारी, पता, बेटे का नाम, रिटायर होने वाले विभाग का नाम सबकुछ बताया। हालांकि, नौकरी के बारे में पूछते ही वह खामोश ह...
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