संभल, फरवरी 24 -- संभल। अब विद्यालयों में पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगी। छात्रों को आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुखी बनाने की दिशा में ठोस पहल शुरू की गई है। शासन स्तर से जारी आदेश के तहत स्कूलों में 'लर्निंग बाय डूइंग' मॉडल लागू किया जाएगा, जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों को विभिन्न ट्रेड्स में प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य छात्रों को शुरूआती स्तर पर ही कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ना है, ताकि वे भविष्य में रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें या स्वयं का कार्य प्रारंभ करने में सक्षम बन सकें। विद्यालयों में नियमित पढ़ाई के साथ-साथ अलग से कौशल प्रशिक्षण कक्षाएं संचालित की जाएंगी। इनमें सिलाई, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर, कृषि आधारित गतिविधियां, बढ़ईगीरी, हस्तशिल्प समेत अन्य ट्रेड्स को शामिल किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान...