वाराणसी, सितम्बर 10 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। कैलाशवासी पद्मभूषण पंडितराज राजेश्वर शास्त्री द्रविड़ का काशी की वेद परंपरा के संरक्षण में अतुलनीय योगदान है। नि:संदेह उनके पहले और उनके बाद अनेकानेक विद्वानों ने अपना योगदान किया है। किंतु सबका योगदान एक तरफ और उनका एकतरफ है। ये बातें गोवा के श्रीगोकर्ण पर्तगाली जीवोत्तम मठ संस्थान के अधिपति विद्याधीश तीर्थ स्वामी ने कहीं। वह बुधवार को रामघाट स्थित सांग्वेद विद्यालय के अवलोकन को पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि सांग्वेद विद्यालय वर्तमान में भी अपने सनातनी दायित्वों का निर्वाह निष्ठा से कर रहा है। इस अनूठे विद्यालय के हित रक्षण के निमित्त यदि मैं कुछ कर सका तो मेरे लिए परम सौभाग्य की बात होगी। यहां पहुंच कर उन्होंने सर्वप्रथम विद्यालय में प्रतिष्ठित बुद्धिदेव प्रथमेश के दर्शन किए। विद्यालयाध्यक्ष...
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