बक्सर, जनवरी 6 -- पेज-04 का फ्लायर कभी आने वाले बाढ़ से भर जाता था काव का पेट ,अब सूखकर नाला बनी नदी नदी की अविरल धारा से आबाद हो रही थी खेती,पर्यावरण को मिल रहा था संरक्षण नदी के खत्म होने से बढ़ रहा शहर का तापमान, जल संकट से जूझ रहे लोग फोटो-13, सूख चुकी है डुमरांव की काव नदी डुमरांव,हमारे प्रतिनिधि। काव नदी के सूखने के साथ मानव जीवन के साथ पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है।कभी हरा-भरा रहने वाला नदी का तट अब उजड़ चुका है। अतिक्रमण और कचरे की डंपिंग से नदी अंतिम सांसे ले रहा है।नदी के मरने के साथ मानव जीवन पर संकट बढ़ने लगा है। बावजूद इसके काव नदी को बचाने की दिशा में अभी तक कोई ठोस पहल नहीं हो रही है। जीवन को गति देती थी नदीः पचास साल पहले काव नदी मानव जीवन को गति दे रही थी। नावानगर से नया भोजपुर के बीच लगभग 25 किलोमीटर में क्षेत्र में कि...
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