देवरिया, अप्रैल 14 -- देवरिया, निज संवाददाता। नागरी प्रचारिणी सभा में रविवार को काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें कवियों ने एक से बढ़कर एक रचनाएं पढ़ीं। भाव तरंग, रस और छंदों से परिपूर्ण काव्य पाठ सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गए। सभागार रह रहकर तालियों से गूंजता रहा। गोष्ठी की अध्यक्षता कवि सरोज कुमार पांडेय ने की। गोष्ठी का शुभारंभ नित्यानंद आनंद की सरस्वती वंदना मां शारदे सबको नवल उत्थान दो, वरदान दो.. से हुई। गीतकार दयाशंकर कुशवाहा ने भींगी पलकें हैं जिनकी उन्हें हंसा दें तो कैसा हो... सुनाकर तालियां बटोरी। आगे रमेश सिंह दीपक ने अपने गीत वो तो फूलों से प्यार करते हैं, खार को दरकिनार करते हैं... के माध्यम से काव्य गोष्ठी को ऊंचाई दी। विकास तिवारी विक्की ने ओजपूर्ण कविता खुदा ना करें ये सितम आये तेरे आंखों के सामने तेरा करम आये... से लोगों क...
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