महाराजगंज, मई 18 -- महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। साहित्यिक संस्था स्पंदन के तत्वावधान में मुख्यालय स्थित राममनोहर लोहिया पार्क में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कवियों ने अपनी रचनाओं से लोगों का मन मोह लिया। राजेश स्वर्णकार ने दो से दो नयनों के मिलने का जादू अलग है, तुमको देखकर मुस्कुराने को जादू अलग है..., शिव चौरसिया ने अब मेरी जुबान, संभलता कि यूं नहीं बर्फ जमा रिश्तों पर, पिघलता कियूं नहीं.. वहीं तशरीफ खान ने कहीं यह जुबान तुम्हारी हद के पार न हो जाए, यानी बात-बात में किसी से तकरार न हो जाए सुनाया। एस. कुमार ने वो खफा है अपने बाप से मिल के आया है जबसे, वो अपने दोस्त के बाप से, शशि कुमार वर्मा ने मेरे दिल की है यह हसरत कोई नाराज न होवे, करो हर कोशिशें लेकिन जमाना रूठ जाता है, संतोष कुमार श्रीवास्तव ने कवानों तरकश में तीर केतना होई, हाथ...
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