अयोध्या, दिसम्बर 3 -- रानीबाजार,अयोध्या। माधव सर्वोदय ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशंस मोकलपुर परिसर रानी बाजार में चल रही शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन पं अनिल पाराशर महाराज ने कहा कि जिसे भगवान का प्रेम प्राप्त हो,वह भाग्यशाली है। भगवान के विषय में जानने के लिए जिज्ञासु हो। हम लोग जिस कलयुग में जी रहे हैं,इस युग में बड़े-बड़े महात्माओं ने गहरा चिंतन किया है। जो भक्ति को धारण करता है, वह कलयुग के प्रभाव से बच जाता है। उन्होंने शिव पुराण की महिमा का गुणगान करते हुए श्रोतागणो को बताया कि इसमें सात संहिता,24 हजार श्लोक हैं। यदि मनुष्य शिव पुराण की एक श्लोक अथवा आधे का भी भक्ति भाव से उच्चारण करें तो उसके पापों का अंत हो जाता है। कोई साधक शिव महापुराण की रूद्र संहिता का बिल्व वृक्ष के नीचे बैठकर पाठ करता है तो वह स्वयं शिव रूप हो जाता है। हम से शिवोहम...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.