दुमका, अक्टूबर 14 -- विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक धरोहर मंदिरों का गांव मलूटी में काली पूजा को लेकर जोर-शोर से तैयारी की जा रही है। बता दे पूरे वर्ष में मलूटी में काली पूजा का इंतजार लोगों को बेसब्री से रहता है। इस त्योहार में दूर दराज व देश विदेश में भी रहने वाले लोग अपने पैतृक गांव मलूटी पहुंचते हैं। मलूटी के क्षयतरफ, सिक्किरबाड़ी, मौलिक्षा परिसर, असमशानी काली मंदिर सहित आठ जगह पर मां काली की भव्य प्रतिभा स्थापित कर विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की जाती है। यहां आठ दिनों तक काली पूजा को लेकर ग्रामीण मेले का भी आयोजन की जाती है। इस अवसर पर मलूटी के आसपास क्षेत्र के अलावे पश्चिम बंगाल के गांव में भी धूम रहती है। सिद्ध पीठ तारापीठ की कहानी भी इसी काली पूजा से जुड़ी हुई मानी जाती है, जो मां तारा के परम भक्त बामा खेपा इसी मलूटी में कई वर्षो तक रहक...
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