बागेश्वर, मई 7 -- विकास भवन सभागार में नेशनल मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (नमैट) के अंतर्गत आतमा योजना के तहत कृषक वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम का किया गया। इसका उद्देश्य किसानों को काला और लाल धान जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों के उत्पादन के लिए प्रेरित करना था। इस अवसर पर जिलाधिकारी आशीष भटागांई ने प्रगतिशील किसानों को काले धान के बीज भी वितरित किए। जिलाधिकारी ने कहा कि काले धान की बाजार में अत्यधिक मांग है और यह किसानों के लिए आय का एक सशक्त माध्यम बन सकता है। उन्होंने कृषि विभाग को निर्देशित किया कि किसानों को इस दिशा में हर संभव तकनीकी और संसाधनगत सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे न केवल स्वयं इस फसल को अपनाएं, बल्कि अन्य कृषकों को भी इसके लाभों से परिचित कराएं। जैविक खेती को समय की मांग बताते हुए जिलाधिकारी ने कहा...
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