शिमला, अगस्त 10 -- हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने मोटर दुर्घटना मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि कार में एक अतिरिक्त आदमी का होना बीमा पॉलिसी की शर्तों का मूल उल्लंघन नहीं है। कोर्ट एमएसीटी के फैसले के खिलाफ बीमा कंपनी की अपील पर सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने बीमा कंपनी की अपील को खारिज करते हुए ब्याज सहित मुआवजा देने का निर्देश दिया। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर ने बीमा कंपनी की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) के फैसले को चुनौती दी गई थी। जस्टिस ठाकुर ने कहा कि हालांकि बीमा कंपनी ने आरोप लगाया है कि पॉलिसी का मूलभूत उल्लंघन हुआ है क्योंकि कार में 6 लोग बैठे थे। लेकिन, जहां तक एक अतिरिक्त आदमी के ओवरलोड होने का सवाल है, यह पॉलिसी की...
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