दुमका, मार्च 17 -- दुमका जिला संतमत सत्संग का वार्षिक अधिवेशन पांच पहाड़ सर मुड़िया छोटी रन बहियार के द्वितीय दिवस प्रथम पाली सत्संग में बताया कि इस सांसारिक कामों कामों को पूर्ण करने के लिए हमें जोश जुनून और शक्ति ऊर्जा की जरूरत होती है। ऐसे में जब हम आध्यात्मिक काम करने की बात करते हैं। तो हम बुढ़ापे की ओर इशारा करते हैं यहां बुढ़ापे की बात करते हैं कि भजन कीर्तन ध्यान योग ज्ञान साधना यह सब बुढ़ापे की चीज है। जब संसार का काम करने के लिए हमें अवस्था जवानी की चाहिए। इसी प्रकार ध्यान साधना के लिए ज्ञान का होना अत्यंत आवश्यक है। इसलिए जहां भी सत्संग हो हम सबों को वहां पहुंचकर उसको श्रवण करना चाहिए और मनन चिंतन करते हुए ईश्वर का ध्यान करना चाहिए।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.