मुजफ्फरपुर, फरवरी 5 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। सतत लीची उत्पादन एवं मूल्य शृंखला प्रबंधन पर वैज्ञानिक नवाचार विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन बुधवार को हो गया। इस दौरान टिशू कल्चर पद्धति से लीची की खेती करने पर जोर दिया गया। राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र के तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में देशभर से आए वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों, उद्यान अधिकारियों एवं प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। समापन सत्र में शुद्ध एवं प्रामाणिक रोपण सामग्री के उपयोग पर बल देते हुए टिशू कल्चर पर जोर दिया गया। साथ ही रूटस्टॉक ग्राफ्टिंग तथा फिनॉल की मात्रा में कमी पर केंद्रित अनुसंधान की आवश्यकता बताई गई। पारंपरिक और गैर-पारंपरिक दोनों क्षेत्रों में गुड एग्रीकल्चरल प्रैक्टिसेज को अपनाने पर जोर दिया गया। कार्यशाला में एक आई आधारित सेंसर तकनी...
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