लखनऊ, अक्टूबर 25 -- नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में शुक्रवार को महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार के बीच अधिकारों को लेकर तीखी बहस हो गई। नगर आयुक्त ने अपने प्रशासनिक अधिकारों का हवाला दिया। इस पर महापौर ने कहा कि यदि कार्यकारिणी के पास कोई अधिकार नहीं हैं, तो वह आगे से इसकी बैठक ही नहीं करेंगी। बैठक की शुरुआत में ही माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब महापौर ने कार्यकारिणी की पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुपालन पर अधिकारियों से जवाब तलब किया। महापौर ने कहा कि पिछली बैठक में पारित किसी भी प्रस्ताव पर कार्रवाई नहीं हुई, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक पिछली बैठक के फैसलों पर अमल की रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की जाएगी, तब तक नए मुद्दों पर चर्चा नहीं की जाएगी। मामले की शुरुआत चौक चौराहे का नाम बदलने के फैसले क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.