गंगापार, नवम्बर 5 -- बुधवार को कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रृंग्वेरपुर धाम में गंगा तट पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। स्नान और दान के साथ ही यहां पर आयोजित 36 वां राष्ट्रीय रामायण मेला का भव्य समापन हो गया। बुधवार भोर से ही गंगा के विभिन्न तट पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। हर-हर गंगे के जयकारों से सम्पूर्ण क्षेत्र भक्तिमय बना रहा। स्नान के बाद लोगों ने दान-पुण्य कर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। रामायण मेला के समापन अवसर पर कथा वाचक संतों ने भगवान श्रीराम के वनगमन प्रसंग का वर्णन किया। श्रृंगी ऋषि, शांता माता और श्रृंग्वेरपुर की पौराणिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि यही वह स्थल है जहां भगवान श्रीराम ने गंगाजी पार की थी और निषादराज गुह के साथ अपनत्व का संदेश दिया था। सांस्कृतिक मंच पर स्थानीय कलाकारों ने भक्ति...
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