नई दिल्ली, फरवरी 9 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात के एक हृदय रोग विशेषज्ञ को दी गई जमानत रद्द करने से सोमवार को इनकार कर दिया। इस हृदय रोग विशेषज्ञ को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के दो लाभार्थियों की अनावश्यक और गलत तरीके से एंजियोप्लास्टी सर्जरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस कारण दोनों मरीजों की मौत हो गई थी। सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और ए. एस. चंदुरकर की पीठ ने पिछले साल आठ दिसंबर को हाईकोर्ट द्वारा डॉ. प्रशांत वजीरानी को दी गई नियमित जमानत को चुनौती देने वाली गुजरात सरकार की याचिका खारिज कर दी। शीर्ष अदालत ने गुजरात सरकार की अधिवक्ता स्वाति घिल्डियाल से कहा कि वह एक डॉक्टर हैं, हृदय रोग विशेषज्ञ हैं, उन्हें अपना काम करने दीजिए। आप उन पर नजर रख सकते हैं। अगर वह कुछ गलत करते हैं, तो...
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