कानपुर, अक्टूबर 13 -- जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों को रोकड़ बहीखाता, स्टॉक रजिस्टर व निर्माता को उत्पाद रजिस्टर रखना होगा। माल प्राप्ति का साक्ष्य एवं विक्रेता की ओर से जीएसटी का भुगतान करने की शर्त पर ही इनपुट टैक्स केडिट अनुमन्य होगा। माल प्राप्ति के 180 दिन में विक्रेता को भुगतान करना होगा। अन्यथा सम्बन्धित इनपुट टैक्स केडिट को रिवर्स करना होगा। कारोबार में इस्तेमाल सभी स्थलों को पंजीयन में घोषित करना होगा। कानपुर इनटैक्स बार एसोशिएसन की ओर से आयोजित अप्रत्यक्ष कर गोष्ठी में सीए संकल्प भल्ला ने यह जानकारी दी। गोष्ठी के चेयरमैन संतोष कुमार गुप्ता ने बताया कि विक्रेता द्वारा भविष्य में कर का भुगतान कर दिया जाएगा। तब केता को इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ बिना किसी समयावधि के मिलेगा। अध्यक्षता प्रदीप कुमार द्विवेदी व संचालन शरद सिंघल ने किय...
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