बगहा, नवम्बर 23 -- बेतिया शहर में खाद्य मसाला पीसने वाले कारीगरों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। व्यवसाय को सुचारू चलाने के लिए कैपिटल पूंजी की कमी, ध्वनि और वायु प्रदूषण का खतरा तथा ब्रांडेड मसाले से प्रतस्पिर्धा सहित कई अन्य प्रकार प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक समय ऐसा था जब अधिकांश लोग साबुत मसाला खरीद कर उसे आसपास के चक्की में पिसवा कर उसका सेवन करते थे। इससे सभी का स्वास्थ्य भी बेहतर रहता था। जिससे मसाला पीसने वाले कारीगरों को अपने परिवार का गुजर बसर करने के लिए पैसे की कमाई भी हो जाती थी। आजकल तरह-तरह के ब्रांडेड मसाले की बाजार में उपलब्धता हो जाने के कारण इन कारीगरों का धंधा मंदी के दौर से गुजर रहा है। बातचीत के क्रम में मसाला पीसने का काम करने वाले कारीगर चंपा देवी, राजेश रावत, गुलजारी लाल,का...
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