सहारनपुर, जुलाई 27 -- गंगोह कारगिल विजय दिवस के अवसर पर जहां देशभर में खुशी का माहौल है और शहीदों की याद में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हो रहे है। मगर एक बार फिर इन वीरों की शहादत को लेकर शासन, प्रशासन, नौकरशाही, अधिकारी व राजनेता कोई भी गंभीर नहीं है। परिजनों, ग्रामवासियों व चंद भाजपाइयों व अन्य नेताओं के अलावा अधिकांश गंभीर नही है। ये लोग समाधि स्थल पर आकर झांकना तक पसंद नहीं करते। गत वर्ष रजत जयंती पर विधायक सहित कई लोगों ने पेतृक गांव जेहरा पहुंच कारगिल शहीद लांसनायक राजेश बैरागी की प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर श्रद्धांजलि अर्पित कर शहादत को प्रणाम किया था। एक लंबे अरसे उपरांत शहीद की समाधि पर गत वर्ष काफी संख्या में लोग पहुंचे थे। मगर इस बार संख्या कम रही। इस बार सबसे पहले कारगिल शहीद राजेश बैरागी की समाधि पर शहीद पत्नी कमलेश ने अपने पुत्र...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.