चित्रकूट, फरवरी 19 -- चित्रकूट, संवाददाता। भगवान राम की तपोभूमि धर्मनगरी चित्रकूट में चल रहे राष्ट्रीय रामायण मेला महोत्सव का गुरुवार को समापन हो गया। समापन की घोषणा करते हुए हैदराबाद खाकी अखाड़ा रामबाग तरौहा के महंत अमृतदास महाराज ने कहा कि रामायण प्रभु श्रीराम की प्राप्ति का सोपान है। यह दिव्य भव्य रामायण मेला जन-जन को राम बनने की प्रेरणा देता है। संसार में गृहस्थ आश्रम में रहने वाले मनुष्यों को नित्य परिश्रम और प्रयास करना चाहिए। सनकादिक आश्रम के महंत सनकादिक महाराज ने कहा कि रामकथा करने का समय नहीं है। अब असली रामलीला करने का वक्त आ गया है। देश में जो अन्य लोग रह रहे है, वह या तो धर्म परिवर्तन कर इधर आएं अथवा उधर चले जाएं, नहीं तो वहां जाने के लिए तैयार रहे, जहां से वापस लौटकर कोई नहीं आता है। वाराणसी के डा छेदीलाल कांस्यकार ने कहा कि ...