गुमला, जुलाई 10 -- कामडारा, शहाब अली। कामडारा प्रखंड में वर्ष 2022-23 से पहले की 620 मनरेगा योजनाएं अब तक लंबित हैं। जिनमें सोक पिट,जमीन समतलीकरण, टीसीबी, दीदी बाड़ी और अन्य योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं के लंबित होने का मुख्य कारण रोजगार सेवक हैं। जिन्होंने अब तक इन योजनाओं का जीओ टैग नहीं किया है। इसके साथ ही प्रखंड के बीपीओ अजय लकड़ा की लापरवाही ने स्थिति को और खराब किया है। लंबित योजनाओं में कामडारा पंचायत में 58, कोंसा में 23, कुलबुरू में 58, रामपुर में 29, रामतोल्या में 143, रेड़वा में 46, सालेगुटू में 44, सरिता में 35, सुरहू में 126 और टुरूण्डू में 58 योजनाएं जीओ टैग के अभाव में अधूरी पड़ी हैं। इसके कारण प्रखंड में विकास की गति बेहद धीमी हो गई है,और मनरेगा मजदूरों का विश्वास घटता जा रहा है। इस स्थिति से न केवल मानव दिवस की उत्पत्ति...
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