बगहा, अगस्त 31 -- जिले के विभिन्न प्रखंड के गांव से शहर में आकर कामकाजी महिलाएं काम करतीं है। इसमें कई महिलाओं ने बेतिया शहर में डेरा लेकर अपने परिवार व बच्चों का भरण पोषण करती है। जबकि कुछ महिलाएं रोजाना आवाजाही कर परिवार चलाती है इन महिलाओं व पुरुषों की समस्या है कि शहर आने-जाने के लिए यातायात की सुविधा नहीं है। देश के अन्य राज्यों व बड़े शहरों में गांव से शहरों के बीच महिलाओं के लिए स्पेशल पिंक बस चलाया जाता है। लेकिन बेतिया में ऐसी सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऑटो व बस वाले मनमाना किराया वसूलते हैं। उनके बच्चों के लालन-पालन के लिए पालना घर का निर्माण होता है। इसमें कामकाजी महिलाएं काम करती हैं। उनके बच्चों की देख-रेख पालना घर में हो जाता है। यह सब सुविधाएं बेतिया शहर में उन्हें नहीं मिल पा रही है। जिससे उन्हें परेशानी होती है। सरस्वती, संतो...
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