नई दिल्ली, दिसम्बर 17 -- आजकल की कामकाजी महिलाएं एक साथ घर और बाहर की कई जिम्मेदारियां निभा रही हैं-ऑफिस की डेडलाइन्स, घर की जिम्मेदारियां, बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल और खुद से जुड़ी अपेक्षाएं, जो क्रॉनिक स्ट्रेस एक बड़ी और अक्सर अनदेखी वजह बन चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं महिलाओं में लंबे समय तक बने रहने वाला यह मानसिक और शारीरिक दबाव शरीर में क्रॉनिक स्ट्रेस पैदा करता है। जिसका सीधा असर हार्मोनल बैलेंस और पीरियड्स की सेहत पर पड़ता है।तनाव बढ़ने से होते हैं ये नुकसान सीके बिरला अस्पताल की प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. कीर्ति खेतान कहती हैं कि तनाव बढ़ने पर शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। जब यह हार्मोन लंबे समय तक ज्यादा बना रहता है, तो दिमाग के हाइपोथैलेमस, पिट्यूटरी ग्लैंड और ओवरीज के बीच तालमेल बिगड़ने लगता ...
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