कानपुर, नवम्बर 26 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। सर्द हवाओं ने दस्तक दी तो कानपुर प्राणी उद्यान की 18 हेक्टेयर में फैली झील फिर से रंगीन परिंदों से आबाद हो उठी। हर वर्ष की तरह इस बार भी साउथ एशिया से हजारों किमी का लंबा सफर तय कर पेंटेट स्टॉर्क प्रजाति के विदेशी सारस यहां पहुंच गए हैं। आसमान में मंडराते इन सफेद-गुलाबी परिंदों की कतारें झील पर उतरीं। मौजूदा समय में इनकी संख्या 1000 के पार पहुंच चुकी है। चिड़ियाघर प्रशासन का अनुमान है कि दिसंबर तक यह आंकड़ा 5000 के करीब पहुंच जाएगा। झील की मछलियां इनका मुख्य आहार बनती हैं और यही कारण है कि पिछले कई वर्षों से ये सारस कानपुर को अपना सुरक्षित और मनभावन ठिकाना मानकर लगातार लौट रहे हैं। मार्च तक यहां इनकी चहलकदमी बनी रहती है और इस दौरान पूरा क्षेत्र एक जीवंत प्राकृतिक चित्र जैसा नजर आता है। विदेशी...
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