कानपुर, सितम्बर 7 -- कानपुर देहात। जिले की दक्षिणी सीमा पर उफनाई यमुना नदी के जल स्तर में रविवार भोर पहर से ठहराव आ गया। इससे यमुना- सेंगुर के संगम स्थल वाले गांवों के ग्रामीणों ने बाढ़ का खतरा टलने से राहत की सांस ली है, लेकिन अभी यहां के लोगों की परेशानियां दूर नहीं हो पाई हैं।रास्तों में पानी भरे होने से करीब एक दर्जन गांव टापू बन गए हैं। जबकि आढ़न,पथार,पड़ाव, नगीना सहित कई गांवों के रास्तों में 6 से 8 फुट तक पानी भरा होने से लोगों को नावों से आवागमन करना पड़ रहा है। बारिश के साथ ही हेमनापुर बैराज के अलावा गुढा डैम व पंचम डैम से पानी छोड़े जाने के कारण तीन दिन पहले यमुना के जलस्तर में इजाफा शुरू हुआ था। इससे यमुना- सेंगुर नदी के संगमस्थल वाले गांवों चपरघटा, आढ़न, पथार, मुसरिया, पड़ाव, कुंभापुर, नगीना,भुंडा, नयापुरवा व चपरघटा आदि गांवों में बा...
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