लखनऊ, मई 12 -- हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कानपुर में तैनात रहे एसीपी मो. मोहसिन खान के निलंबन आदेश पर रोक लगा दी है। याची की ओर से दलील दी गई कि शादीशुदा होते हुए दूसरी महिला के साथ शारीरिक सम्बंध सेवा नियमावली के तहत कदाचार की श्रेणी में नहीं आता। न्यायालय ने भी प्रथमदृष्टया इस दलील से सहमति जताई और राज्य सरकार को चार सप्ताह में जवाब देने का आदेश दिया है। साथ ही निलंबन पर स्थगन आदेश पारित किया है। मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार की एकल पीठ ने मो. मोहसिन खान की सेवा संबंधी याचिका पर पारित किया। याची के विरुद्ध कानपुर नगर के कल्याणपुर थाने में आईआईटी कानपुर की एक छात्रा ने एफआईआर दर्ज कराते हुए शादी का झांसा देकर शारीरिक सम्बंध बनाने का आरोप लगाया है। याची की ओर से दलील दी गई कि उक्त एफआईआर के सम्ब...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.