लखीसराय, फरवरी 5 -- लखीसराय, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। राज्य सरकार के निर्देश के बावजूद सदर अस्पताल में सकेंड शिफ्ट ओपीडी का नियमित संचालन अब तक कागज तक ही सीमित है। जनवरी 2023 में राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरे बिहार में दो शिफ्ट में ओपीडी संचालन का निर्देश जारी किया गया था, लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी सदर अस्पताल प्रबंधन इस व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने में असफल साबित हुआ है। स्थिति यह है कि सकेंड शिफ्ट में इलाज की पूरी जिम्मेदारी मात्र इमरजेंसी वार्ड में तैनात एक चिकित्सक के भरोसे ही चल रही है। इमरजेंसी चिकित्सक को ही सामान्य ओपीडी एवं इमरजेंसी मरीज और अन्य वार्डों से जुड़े मामलों को देखने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इससे न केवल चिकित्सक पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, बल्कि मरीज को भी समुचित इलाज समय पर नहीं मिल पा रहा है। हाल...