औरैया, फरवरी 5 -- फफूंद, संवाददाता। भाग्यनगर ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत सिम्हारा में स्वच्छ भारत मिशन की जमीनी हकीकत सरकारी दावों की पोल खोल रही है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के बावजूद गांव के दर्जनों परिवार शौचालय से वंचित हैं। हालात यह है कि इन परिवारों की बहू-बेटियों को मजबूरी में खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है, जिससे उन्हें शर्मिंदगी के साथ-साथ असुरक्षा का भी सामना करना पड़ रहा है। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान की जनचर्चा में सीमा देवी, राम प्रकाश बाथम, राजेश दिवाकर, संदीप कुमार, राजू बाथम, विश्राम, राम नरेश, छुन्ना, सोनम, गीता, सीता आदि ग्रामीणों का कहना था कि सुबह और शाम के समय महिलाएं खेतों और सुनसान जगहों की ओर जाती हैं। अंधेरा, बारिश, ठंड और जहरीले जीवों का डर भी सताता रहता है, ऊपर से सामाजिक संकोच उनकी पीड़ा को और बढ़ा...
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