बदायूं, फरवरी 16 -- बदायूं, संवाददाता। जिले में अति कुपोषित बच्चों की संख्या लगभग डेढ़ हजार करीब है लेकिन बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग से जुड़ी आंगनबाड़ी कार्यककत्रियां इन बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने में रुचि नहीं ले रही हैं। इसका नतीजा है कि इस केंद्र में बच्चे भर्ती नहीं किये जा रहे हैं। सरकार ऐसे बच्चों को कुपोषण जैसी बीमारी से बाहर करने के लिए उपचार की व्यवस्था कर चुकी है। अधिकारी और सिस्टम सुस्त है इसीलिए बच्चे कुपोषण जैसे रोग की पीड़ा झेल रहे हैं। जनपद में कुपोषण एक गंभीर समस्या का रूप ले चुका है। जिले के 11 ब्लॉकों में 1425 बच्चे अति कुपोषित श्रेणी में हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य व आईसीडीएस विभाग की उदासीनता से अति कुपोषित बच्चा पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती नहीं है। एक-दो बच्चे ही भर्ती कर खानापूर्ति के लिए एनआरस...