गाज़ियाबाद, फरवरी 21 -- गाजियाबाद। अदालत ने वर्ष 1998 के एक मामले में शनिवार को सुनवाई के बाद पुलिस कांस्टेबल को ड्यूटी में लापरवाही का दोषी ठहराया। उसकी अभिरक्षा से एक बंदी के फरार होने के मामले में एक साल की सजा सुनाई गई। अदालत से मिली जानकारी के अनुसार 13 जुलाई 1998 को कविनगर थाना से दो अभियुक्तों को अदालत में पेशी के लिए लाया गया था। इसमें से एक अभियुक्त राजीव शर्मा कांस्टेबल प्रीतम सिंह की अभिरक्षा से अदालत परिसर में भीड़ का फायदा उठाकर फरार हो गया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि अभियुक्त प्रीतम सिंह एक लोक सेवक के रूप में बंदी की सुरक्षित अभिरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बाध्य थे, लेकिन उनकी लापरवाही के कारण बंदी भागने में सफल रहा। अदालत ने दोष सिद्ध मानते हुए एक वर्ष कारावास की सजा सुनाई।

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