रामगढ़, अगस्त 5 -- रामगढ़, निज प्रतिनिधि सावन मास आते ही भोलेनाथ के भक्तों में एक अलग ही उमंग और आस्था की लहर दौड़ जाती है। यही वह समय होता है जब शिवभक्त कंधे पर कांवड़ रखकर जल चढ़ाने के लिए कठिन यात्राओं पर निकलते हैं। झारखंड राज्य के रामगढ़ जिले में भी एक विशेष कांवड़ यात्रा चर्चा का विषय बन चुकी है-यह यात्रा रजरप्पा स्थित छिन्नमस्तिका मंदिर से लेकर रामगढ़ शहर के नेहरू रोड़ स्थित सिद्धेश्वर धाम, तक लगभग 25 किलोमीटर लंबी होती है। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि स्थानीय संस्कृति, पर्यावरण और जनसहभागिता की झलक भी प्रस्तुत करती है।
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