नई दिल्ली, जुलाई 5 -- उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा मार्गों पर दुकानदारों को अपना नाम और पहचान सार्वजनिक करने का विवाद एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। शीर्ष अदालत में दाखिल अर्जी में कहा गया कि उत्तर प्रदेश में कुछ हिंदू संगठनों द्वारा कांवड़ यात्रा मार्ग में रेस्टोरेंट, ढाबा और खाने-पीने की अन्य दुकानों के साथ-साथ फलों की रेहड़ी-पटरी लगाने वालों को जबरन अपना पहचान और नाम सार्वजनिक करने के लिए मनमानी गतिविधियां की जा रही हैं। अधिवक्ता नरेंद्र मिश्र की ओर दाखिल याचिका में मोहम्मद अहमद ने सुप्रीम कोर्ट से 22 जुलाई 2024 को पारित उस आदेश को प्रभावी तरीके से लागू करने की मांग की गई है, जिसमें रेस्टोरेंट, ढाबा और अन्य खानपान की दुकानों के साथ-साथ सड़क किनारे फलों की रेहड़ी पटरी लगाने वालों को पहचान सार्वजनिक करने के लिए जारी निर्देश पर ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.