नवादा, अक्टूबर 29 -- नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। लोक आस्था के महापर्व छठ ने इस बार नवादा शहर को भक्ति और अध्यात्म की ऐसी चादर ओढ़ाई कि हर तरफ केवल शुद्धता, समर्पण और छठी मैया के गीतों की गूंज सुनाई दे रही थी। कांच ही बांस के बहंगिया बहंगी लचकत जाए... की कर्णप्रिय धुन पर जिले भर के घाटों पर श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा, जिसने नवादा की पहचान को एक बार फिर इसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ दिया। छठ की यह रौनक इस बार सातवें आसमान पर थी, जहां हर चेहरा एक अलौकिक शांति और विश्वास से दमक रहा था। कुल मिलाकर आस्था का अद्भुत नज़ारा हर तरफ दिख रहा था। नवादा के प्रमुख घाटों मिर्जापुर सूर्य मंदिर घाट, शोभिपर घाट गढ़ पर, मंगरबिगहा, मोतीबिगहा आदि छठ घाटों का नजारा देखने लायक था। एक ओर व्रती महिलाएं डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए जल में खड़ी होकर...
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