गाजीपुर, मार्च 10 -- गाजीपुर, संवाददाता। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय पर अब लखनऊ से भी नजर रखी जाएगी। जल्द ही शासन में बैठे लोग सहित उच्चाधिकारी भी हर गतिविधियों को देख सकेंगे। इसके विद्यालय भी हाईटेक होंगे। इन विद्यालयों को ऑनलाइन करने की कवायद शुरू हो गई है। इन विद्यालयों को कंप्यूटर, वेब कैमरा लगाकर ब्राडबैंड कनेक्शन से जोड़ा जाएगा। यह कस्तूरबा विद्यालय की वार्डेन, टीचरों की मनमानी रोकने की कवायद है। गाजीपुर में संचालित 14 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय हैं। इनमें कक्षा छह से आठ तक के गरीब बच्चियां पढ़ती हैं। प्रत्येक विद्यालय में सौ छात्राएं पढ़ती हैं। इनकी शिक्षा पर सरकार बड़ी रकम भी खर्च करती है। पर यहां तैनात वार्डेन, टीचर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ठीक से नहीं करते हैं। आए दिन यह शिकायत मिलती है कि वार्डेन और टीचर विद्यालय से...
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