हमीरपुर, जनवरी 28 -- मुस्करा। गणतंत्र दिवस पर कस्बे में राष्ट्रभक्ति और काव्य कला का अद्भुत संगम देखने को मिला। स्थानीय निवासी संजय बुंदेला के आवासीय हॉल में कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी रचनाओं से शहीदों की वीरता और देशप्रेम का ऐसा रंग जमाया कि श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। कवि सम्मेलन में ओमजी द्विवेदी ने वर्तमान सामाजिक विसंगतियों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा- 'यह हमारी आपसी फूट का नतीजा ही तो है कि पड़ोसी भी आजकल हम पर थूक जाते हैं।' उनकी इन पंक्तियों ने दर्शकों को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित किया। अखिलेश शांडिल्य शहीदों के सम्मान में भावुक अपील करते हुए उन्होंने कहा कि 'अगर गीता और कुरान की तरह शहीदों की गौरव गाथाएं घर-घर पढ़ी जाएं, तो नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति का संचार होगा।' रजनी श्रीवास्तव ने राष्ट्रप्रेम के साथ-साथ श्रृंगार रस की सुमधुर प्र...