बेगुसराय, मई 12 -- बेगूसराय, हमारे प्रतिनिधि। स्पिक मेके के सहयोग से सोमवार को विदुषी कविता द्विवेदी की ओर से ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति भारद्वाज गुरुकुल में की गई। इनके संगत में मर्दल पर मानस सारंगी थे एवं वायलिन पर प्रदीप महाराणा थे। गायन नारायण जेना ने किया। नृत्य के माध्यम से शृगार रस, वीर रस, करुणा रस, रौद्र रस, हास्य रस एवं भक्ति रस की प्रस्तुति हाथ और शरीर के संकेतों और मुद्राओं से दी गई। हाथ और शरीर के भावों का प्रयोग करके नृत्य मूर्तियां की प्रस्तुति दी गई। हाथ के हाव-भाव, शरीर की गति और चेहरे के भावों का संयोजन बेहतरीन था। यह भावुक अभिव्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम की शुरुआत बुद्ध पूर्णिमा के पवित्र अवसर पर भगवान विष्णु को समर्पित नृत्य से हुई। इसमें भक्ति भाव देवदासियों से ली गई एवं तकनीक गोटिपुआ से ली गई है। ओडिसी नृत्य...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.