नैनीताल, सितम्बर 21 -- नैनीताल, संवाददाता। कुमाऊं विश्वविद्यालय एलुमनी सेल और विजिटिंग प्रो़ निदेशालय की ओर से रविवार को पर्यावरण वृक्ष की आत्मकथा और मेरा प्रलाप विषय पर ऑनलाइन सेमिनार आयोजित किया गया। कवि डॉ. तिलक राज जोशी ने पर्यावरण संरक्षण का महत्व बताया। सेमिनार का संचालन प्रो. ललित तिवारी ने किया। उन्होंने बताया कि मानव गतिविधियों के कारण पारिस्थितिकी तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने प्रकृति के महत्व को रेखांकित करते हुए, कहा कि प्रकृति बचाने को प्रयास करना चाहिए। डॉ. जोशी ने अपनी कविताओं के माध्यम से पर्यावरण और प्रकृति के महत्व को प्रस्तुत किया। प्रो. एसडी तिवारी ने आयोजकों का धन्यवाद किया और सेमिनार में प्राण वायु के विचार साझा किए। प्रकृति अनुभवों और विचारों की सराहना की। यहां डॉ. एमएस बिष्ट, डॉ. सर्वेश सुयाल, डॉ. ...
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