शाहजहांपुर, फरवरी 16 -- फसलों को लेकर कविताएं तो बहुत लिखी गई हैं, जिसमें फसलों की सौंदर्य और फसलों के मनोहारी दृश्यों को बखान किया गया। ऐसी ही एक कविता उत्तर प्रदेश गन्ना शोध संस्थान के प्रसार अधिकारी डा. संजीव पाठक ने लिखी है, जो किसानों के लिए उपयोगी है। डा. संजीव ने जो कविता लिखी है, वह बसंतकालीन गन्ना बोआई से संबंधित है। इस कविता के माध्यम से डा. संजीव ने किसानों को बसंतकालीन गन्ना बोआई के लए प्रोत्साहित करने के लिए लिखा है। कविता में खेत तैयार करने, खाद, पानी, बोआई, बोआई के तरीके और छिलाई तक का जिक्र किया है। डाक्टर संजीव पाठक ने बताया कि उन्होंने खेती में साहित्य का समावेश कर यह कविता रची। बताया कि वैसे भी गन्ना शोध संस्थान किसानों को गन्ने के संबंधित तमाम नई तकनीक के बारे में बताता ही रहता है, इस बार कुछ नया करते हुए कविता लिखी, ज...
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