प्रयागराज, दिसम्बर 5 -- सर्किट हाउस परिसर में शुक्रवार को कल्पवास महात्म्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि असोम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य ने कहा कि संगम की रेती पर कल्पवास सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि जीवन में संयम और अनुशासन की महत्वता को भी दर्शता है। वहीं, असत्य से सत्य, अंधकार से प्रकाश और मृत्यु से अमृत की ओर ले जाने वाले मार्ग को प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा कि कल्पवास सामाजिक राष्ट्रीय एकता का भी प्रतीक है। कल्पवास कोई अंत नहीं यहां से आत्मिक यात्रा की शुरुआत होती है। जिसे मनुष्य को अपने जीवन में उतारना चाहिए और आचरण एवं व्यवहार में भी दिखाई देना चाहिए तभी वह सच्चा कल्पवासी है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण दिव्य भव्य और डिजिटल महाकुम्भ भी साक्षी बना है। इस दौरान महापौर गणेश केसरवानी ने राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य का अभिनंदन...