संतकबीरनगर, फरवरी 2 -- मगहर, हिन्दुस्तान संवाद। मगहर महोत्सव की पांचवी रात भोजपुरी की कोकिला कही जाने वाली प्रसिद्ध गायिका कल्पना के नाम रही। उन्होंने महोत्सव के मंच से भोजपुरी का जोरदार तड़का लगाया। जिसे देख दर्शक नाचने को मजबूर हो गए। कल्पना ने कार्यक्रम की शुरुआत कबीर निर्गुण 'कबीरा कहै ये जग अंधा..' व 'जागो जागो न हो ननदिया महलिया आये चोर..' गीत गाकर किया। इसके बाद मूड बदलते हुए कल्पना ने 'पागल कहेला न..' को गाया तो लोग उनके स्वर से स्वर मिलाकर नाचने लगे। 'बलमुआ कैसे छोड़ब रे छोटी नददी..' को अपनी आवाज़ में सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। 'नई झुलनी के छैया बलम दुपहरिया बिताई ला हो' को सुनाया। इसके बाद नदिया के पार के फेमस गीत 'कौने दिशा में ले के चला रे..' को सुनाकर दर्शकों को थिरकते पर मजबूर कर दिया। भोजपुरी नाइट का यह सिलसिला ...