जौनपुर, फरवरी 23 -- खेतासराय, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के पोरईकला गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कथा व्यास डा. मदन मोहन मिश्र ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराया और कहा कि कलियुग में भगवान का नाम ही जीवन का सार है। कथा व्यास ने कहा कि सुनीति के उपदेश से पिता की गोद से उतारे गए ध्रुव को परम पिता परमात्मा से मिला दिया गया। भगवान का नाम हमारे सभी पापों को समाप्त कर देता है। उन्होंने बताया कि सती ने शंकर जी की बात नहीं मानी, जिस कारण जलकर मरना पड़ा। भागवत की कथा हमारे जीवन की सारी व्यथा को समाप्त कर देती है। अनुसुइया ने अपने पति अत्रि की सेवा करके ब्रह्मा, विष्णु और महेश को लालना बनाकर पालने में झुला दिया। उन्होंने आगे कहा कि कलियुग में भगवान का नाम ही जीवन का सार है। माता-पित...