बेगुसराय, अक्टूबर 9 -- सिमरिया धाम, एक संवाददाता। कार्तिक मास में सिमरिया धाम स्थित गोविन्द जीव-सेवा संस्थान के आचार्य बाल व्यास राघवाचार्य जी महाराज ने अपने खालसा आश्रम में हजारों भक्त श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि कल्पवास आध्यात्मिक विकास का केन्द्र है। हिंदू समय चक्र में ब्रह्मा का एक दिन-रात की अवधि कल्प कहलाता है जो मानवीय गणना से चार अरब 32 करोड़ वर्ष के बराबर होता है। एक कल्प के अन्तर्गत 14 मन्वंतर तक व्यतीत होते हैं जिसके अंतर्गत चारों युग एक हजार बार अपना चक्र पूरा करता है। ध्यातव्य है कि वर्तमान में सातवें वैवस्वत मन्वंतर का 28वां कलियुग चल रहा है। शास्त्रों के अनुसार गंगा तट आदि कुंभ स्थली सिमरिया धाम में कार्तिक मास तुला राशि में जब सूर्य नीचस्थ होकर विराजमान हो तब इस अवधि में मात्र एक मास तक साधना पूर्वक गंगा सेवन कर...
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