चित्रकूट, जनवरी 26 -- चित्रकूट। संवाददाता मुख्यालय कर्वी से सटे रामबाग अखाड़ा तरौंहा में श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कथावाचक महंत अमृतदास महाराज ने कहा कि भले ही सामान्य पुरुषों को भूख-प्यास कष्ट दे सकती है, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण की कथाएं इतनी सरस हैं कि कोई भी व्यक्ति थकान का अनुभव किए बिना ही उनको सुनता रह सकता है। क्योंकि इनके सुनने से मनुष्य दैहिक, दैविक, भौतिक तापों से उन्मुक्त होकर दिव्य पद को प्राप्त होता है। कथा, कथावाचक और श्रोता का तारतम्य इस कलियुग के समस्त अमंगल को नष्ट कर देता है। कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का श्रवण व कीर्तन इतना मंगलकारी है कि जीवन माया के बंधन से मुक्त होकर श्री चरणों में स्थान प्राप्त कर लेता है।

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