बलिया, अक्टूबर 3 -- बलिया, संवाददाता। नगर के टाउन डिग्री कालेज के मैदान में परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के संकल्प से चल रहे श्रीराम कथा में पांचवें दिन प्रेमभूषण जी महाराज ने श्रीराम जन्म और बाल लीला के बाद गुरुकुल प्रस्थान, जनकपुर में धनुष भंग तथा सीता विवाह का प्रसंग सुनाया। सीता विवाह का प्रसंग सुनकर लोग भाव विभोर हो गए। प्रेमभूषण जी ने कहा कि जब तक भगवान की कृपा नहीं होती, तब तक संत का दर्शन दुर्लभ है। जब जीवन में ज्यादा प्रसन्नता हो तो किसी को कोई वचन नहीं देना चाहिए और जब मन में ज्यादा क्रोध हो तो कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए। दोनों ही स्थिति में नुकसान अपना ही है। क्रोध बोध को समाप्त कर देता है। किसी की चर्चा करने से दोष उजागर हो तो वहां मौन हो जाना ही बेहतर होता है। श्रीराम कथा के आयोजक दयाशंकर सिंह के प्रयासो...
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