भागलपुर, अगस्त 15 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता। स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के कारण शहर के भोजनालयों, होटलों व रेस्टोरेंटों में बन रहे खाने में फूड कलर का उपयोग मानक के अनुसार नहीं हो रहा है। खाने का रंग बिरंगा दिखाने के लिए इसमें जरूरत से ज्यादा कलर मिलाये जा रहे हैं। भोजन में बेहिसाब रंग मिला रहे भोजनालयों पर रोक लगाने के लिए विभाग के खाद्य सुरक्षा इकाई की टीम ने अबतक कोई प्रयास नहीं किया है। जबकि विभाग के पास फूड टेस्टिंग वाहन भी उपलब्ध है। जिसे सिविल सर्जन आवास में लगा कर रखा गया है। होटलों में फूड कलर की जांच के लिए इस वाहन का प्रयोग नहीं हो रहा है। फूड कलर का सबसे ज्यादा प्रयोग नॉनवेज आइटम, दाल, सब्जियां व अन्य तरह के खाने में किया जा रहा है। रंग के प्रयोग का मुख्य उद्देश्य मसालों की बचत कर मुनाफा कमाना है। मानक के अनुरूप रंग के बेहिसाब...
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