सीतापुर, दिसम्बर 26 -- बहादुरगंज, संवाददाता।‌‌ अन्य युगों में धर्म के चार पैर थे, लेकिन कलयुग में धर्म का एक पैर बचा है, वह दान है। जैसा अन्न खाओगे वैसा मन बनेगा। यहा बाते ग्राम निंबा मजरा गढ़चप्पा में हनुमान मंदिर के चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास पं. पंकज कुमार शास्त्री ने लोगों से कही। उन्होंने कहा कि पतिव्रता स्त्रियों को पति की आज्ञा के बिना मायके में भी नहीं जाना चाहिए। इस कलयुग में राम नाम की महिमा का बड़ा महत्व है। राम का नाम लेने से ही लोग भवसागर पार कर जाते हैं। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।

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