लखनऊ, नवम्बर 11 -- लखनऊ, संवाददाता। ऐशबाग रामलीला मैदान में चल रही भगवान श्री राम के पावन चरित्र की कथा के सातवें व विश्राम दिवस पर भगवान की महिमा का का वर्णन किया गया। दिल्ली से पधारे पीठाधीश्वर आचार्य मिथिलेश मिश्रा ने मंगलवार को भगवान की महिमा का गुणगान करते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की लीलाओं का वर्णन सुनने वाला और करने वाला दोनों पुण्य के भागी होते हैं। आचार्य जी ने कहा कि कलयुग केवल नाम अधारा, सुमिर सुमिर नर उतरहिं पारा...यानी इस कलियुग में भगवान के नाम जप के अलावा मनुष्य के उद्धार का कोई दूसरा माध्यम नहीं है। क्योंकि सच्चे मन से नाम का जाप करने से ही मनुष्य भवसागर से पार हो सकता है। अंत में आचार्य शैलेश मिश्रा द्वारा आरती और माधवाचार्य के भजन गायन से कथा का समापन हुआ। इस अवसर पर मुख्य आयोजक वीरेंद्र मिश्र, सोनिका मिश्र...
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