उन्नाव, जनवरी 1 -- उन्नाव। हसरत मोहानी पुस्तकालय धवन रोड में गुरुवार को स्वतंत्रता संग्राम के महान नायक, प्रखर पत्रकार और प्रसिद्ध शायर मौलाना हसरत मोहानी की 150वीं जयंती उत्साह से मनाई गई। उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करके देश की आजादी में उनके अतुलनीय योगदान को याद किया गया। मुख्य अतिथि उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ के वरिष्ठ अधिवक्ता व यश भारती सम्मान से सम्मानित प्रमुख समाजसेवी फारूक अहमद ने अपने संबोधन में कहा कि हसरत मोहानी वहीं शख्सियत थे जिन्होंने पहली बार इंकलाब जिंदाबाद का नारा दिया था, जो आगे चलकर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का सबसे बड़ा मंत्र बना। कहा कि साल 1921 के अहमदाबाद कांग्रेस अधिवेशन में हसरत मोहानी ने ही सबसे पहले पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पेश किया था। उन्होंने न केवल कलम से अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध लड़ा, बल्कि स्वदेशी आंदोलन को ...
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