भदोही, सितम्बर 16 -- ज्ञानपुर, संवाददाता। तीन सूत्रीय मांग लेकर सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचे अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ एवं राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारियों ने पत्रक सौंपा। मांग के समर्थन में पदाधिकारियों ने आवाज मुखर की। शिक्षकों की समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण कराने पर बल दी गई। इस दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम वर्ष 2009 तथा राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षक संघा परिषदी (एनसीटीई) की अधिसूचना 23 अगसत 2010 के तहत स्पष्ट रूप से दो श्रेणियां मान्य की गई थीं। वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षक जिन्हें टीईटी से छूट दी गई थी। वर्ष 2010 के बाद नियुक्त शिक्षक जिनके लिए एक निश्चित अवधि में टीईटी करना अनिवार्य किया गया था। न्यायालय के इस निर्णय में इस तथ्य को अनदेखा कर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप 2010 ासे...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.