नई दिल्ली, मई 27 -- कलकत्ता हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने उस ट्रायल कोर्ट के जज के प्रति नाराजगी जताई जिसने याचिकाकर्ता पति द्वारा दायर मुकदमे को एकतरफा रूप से खारिज कर दिया था। न्यायमूर्ति सब्यसाची भट्टाचार्य और न्यायमूर्ति उदय कुमार की पीठ ने 22 मई को पारित आदेश में कहा कि ट्रायल कोर्ट के जज ने अपने फैसले में इस तथ्य की अनदेखी की कि पत्नी (प्रतिवादी) ने लिखित बयान दाखिल करने के बावजूद कोई साक्ष्य पेश नहीं किया और पति से जिरह भी नहीं की। उसने कहा कि इसके अलावा, विवादित निर्णय का सरसरी तौर पर अवलोकन करने से भी यह पता चलता है कि विद्वान जज ने रिकॉर्ड में उपलब्ध सामग्री पर ध्यान दिए बिना पूरी तरह से अपनी धारणा के आधार पर ही निर्णय लिया। ट्रायल कोर्ट ने 2015 में दायर एक वैवाहिक मुकदमे के खिलाफ फरवरी 2018 में एकतरफा फैसला सुनाया था। कलकत्ता हाईकोर...
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