कानपुर, जनवरी 20 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। ओटी (ओवरटाइम) गणना में एचआरए (हाउस रेंट एलाउंस) और टीए (ट्रैवल एलांस) को शामिल करने के मुद्दे पर भारत सरकार की दायर एसएलपी को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज करके मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। इससे कानपुर के रक्षा प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों ने खुशी जताई है। उनका कहना है कि इससे ओटीए बकाया भुगतान का रास्ता साफ हो गया है। इस मामले में बीपीएमएस फेडरेशन की संबद्ध यूनियन एचवीएफ मजदूर संघ भी पक्षकार थी। भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के संयुक्त मंत्री योगेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि इस स्पष्ट फैसले के साथ, अब गैर-याचिकाकर्ताओं, आयुध निर्माणियों, डीजीक्यूए और डीआरडीओ के सेवानिवृत्त कर्मचारियों समेत सभी पात्र कर्मचारियों को ओटीए बकाया भुगतान का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है। यह बीपीएमएस...
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